पारंपरिक झोपड़ीशिल्पग्राम

ईसाई झोंपड़ी – गोवा

गोवा में ईसाईयों का प्रवेश पुर्तगालियों के आगमन के समय से प्रारंभ हुआ। यह झोंपड़ी प्रत्येक ईसाई आवास के सामने बने क्रास के निशान से पहिचानी जाती है। ग्रामीण ईसाई हिन्दुओं के रहन सहन खान पान दैनिक उपभोग की वस्तुओं में समानताएं पाई जाती है। 47 X 27 साईज की यह झोंपड़ी पांच भागों में विभक्त है। बैठक का कमरा दो शयन कक्ष रसाई व बाहरी रसोई। इस पर नारियल के पत्ते सफाई से बांधे जाते है जो इन्हें वर्षा से सुरक्षित रखते है। मेंगलोर टाईल्स युक्त इस झोंपड़ी में घास लाने का बांस मोडकुल चावल भरने की बांस की कोढ़ी बेंबू बास्केट ओजे नारियल के पत्ते का छातानुमा वर्षा में ओढ़ने का कोड़ें लकड़ी का हल नागर मूसल काडन तांबे का बड़ा घड़ा मांड नाप लकड़ी का यंत्र? पायली मसाला बनाने का पत्थर पाथौर आदि तीन दर्जन से अधिक चीजें झोपड़ी में रखी हुई है।

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