पारंपरिक झोपड़ीशिल्पग्राम

कुलंबी झोंपड़ी – गोवा

गोवा के आन्तरिक ग्रामीण अंचलों में रहने वाले कुनबी परिवार कृषि और मछलीपालन पर आश्रित है। अपने प्राचीन रीजि रिवाज एवं परम्पराओं के धनी कुनबी समुदाय के लोग स्वाभव से सरल, कम शिक्षित और अनपढ़ अधिक तथा अल्प आय वाले है। यह गोवा के ठेठ पुरातन वनवासियों का 42 बाई 33 साईज का आवास है। मिट्टी की दीवारों एवं खपरैल की ढालू छत का बना है। इसमें खजूर के पत्तों तथा तनों का उपयोग किया जाता है। मुख्य झोंपड़ी के चारों और गलियारा बनाया जाता है जो इसे ठण्डा और हवादार रखता है। प्रातः कुलंबी झोपड़िया गोवा में समूह में नजर आती है।

झोंपड़ी में कृषि सयंत्र धड़प बेलों द्वारा प्रयुक्त खेत की नलिया बनाने का यंत्र दोंतों ढेले फोडने का लकड़ी का नाप कुड़व उखल काकण मुरली पान सुपारी रखने का बढयो वर्षा से बचाव के लिये स्त्रियों द्वारा प्रयुक्त होने वाला धरम नारियल के पत्तों का जाल गारयालासान चिड़िया उड़ाने की गोफिन ओढ़ने की कांबली मसाला पीसने का पत्थर फालोर सौभाग्य अलंकार कुंरमण मवेशी के बांधने की गंड़गड़ी जानवरों को आवाज से भगाने की लकड़ी वालिपानड़ी आदि एक सो से अधिक चीजे इस झोपड़ी में रखी हुई है।

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