पारंपरिक झोपड़ीशिल्पग्राम

सम झोंपड़ी – थार रेगिस्तान राजस्थान

थार मरूस्थल के बीच बसे जैसलमेर जिले के सम गांव के मध्यवर्गीय परिवार के घर का यह प्रारूप है। इस घर की विशेषता है वहाँ पाये जाने वाला पीला पत्थर। यह पत्थर नक्काशी के लिए बड़ा उपयुक्त है। दीवारें खम्भे और दरवाजों के आधार इसी पत्थर से बनाये गये है । छत केर की लकड़ी से बनाते है। एक विशेष प्रकार की मिट्टी जिसे भेट कहते हैं कुटाई करके छत पर उसकी परतें चढ़ाई जाती है। फर्श कच्चा लिया और दीवारें खड़ी तथा गेरू से आकर्षक रूप से पुती होती है।

झोंपड़ी के ख्म्भे छाबणे और कमरों के दरवाजे खिड़कियों पर प्रयुक्त किया जाने वाले पत्थर पर की जाने वाली नक्काशी देखते ही बनती है। अन्दर प्रवेश करते ही बड़ा सारा खुला चैक है और तीन ओर कमरे एवं उनके आगे ढ़का खूबसूरत बरामदा है। रामा की ही तरह करों के दरवाजे खिड़कियों के नाम से भी छोटे है जिनमें झुक कर ही आया जाया जाता है। मुख्य कमरों की सजावट एवं करीने से रखा सामान देखते ही बनता हैं।

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